लेखनी प्रतियोगिता -19-Jul-2022
हमारी गजल आधारित दुश्मन मुल्क के खिलाफ....
जो इस प्रकार है -
बिगाड़ कुछ पाएंगे नहीं वो तुम्हारा
फिर भी जान आफत पर लगाएंगे वो तुम्हारा
चक्कर लगा रहे हो जाने किस मुल्क में
अगर हमारे चक्कर में पड़े तो नुकसान होगा सिर्फ वो तुम्हारा
की दहलीज लांघ कर आए थे बर्बाद करने मेरे शहर में
अगर बौरा गए हम तो नक्सा तो रहेगा
मगर नक्से में नही रहेगा देश वो तुम्हारा
खरोच भी आई तनिक सा हमारे भारतवासियों पर
तो देखेंगे नहीं तुम कौन हो फिर उड़ा देंगे जमीर वो तुम्हारा
की अपनी बुरी कोशिशों में हर बार नाकाम रहेगा तू
फिर चेहरे पर तेरे कालिख पोत कर
पहनाएंगे जूते का हार वो तुम्हारा
SHAYAR VISHU KING
20-Jul-2022 07:49 PM
Thanks to all of you ❤️🙏
Reply
shweta soni
20-Jul-2022 07:36 PM
Nice 👍
Reply
Abhinav ji
20-Jul-2022 09:12 AM
Very nice
Reply